सुल्तानपुर में एक होमगार्ड को जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन करना महंगा पड़ गया है। जिला कमांडेंट होमगार्ड ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर ड्यूटी और परेड से प्रतिबंधित कर दिया है। होमगार्ड ने अब जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई को गलत बताया है। यह मामला तब सामने आया जब होमगार्ड गजेंद्र ने जनहित से जुड़े एक मुद्दे पर अधिकारियों से बात करने के लिए जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद जिला कमांडेंट होमगार्ड ने उस पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही, उसे तत्काल प्रभाव से ड्यूटी और परेड से भी रोक दिया गया है। एडिशनल कमांडेंट होमगार्ड के अनुसार, यह घटना 26 अप्रैल की रात करीब 8:44 बजे की है। संबंधित होमगार्ड ने कथित तौर पर जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर लगातार फोन कर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत मिलने के बाद कंपनी प्रभारी द्वारा संपर्क किए जाने पर भी होमगार्ड ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। 28 अप्रैल को कार्यालय बुलाए जाने पर भी उसका व्यवहार अनुशासनहीन पाया गया, जिसके बाद विभाग ने उसे ड्यूटी/परेड से प्रतिबंधित कर दिया। पीड़ित होमगार्ड गजेंद्र ने जिलाधिकारी को दिए अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना के दौरान समस्या समाधान के लिए उसने अधिकारियों को फोन किया था। बात न होने पर उसने जिलाधिकारी के सरकारी नंबर पर संपर्क किया। गजेंद्र का आरोप है कि इसके बाद जिलाधिकारी आवास पर तैनात एक लिपिक ने उसे फोन कर सरकारी नंबर पर कॉल करने पर आपत्ति जताई। होमगार्ड ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे व्यक्तिगत कार्य कराए जाते थे, ऐसा न कर पाने पर नाराजगी में जिला कमांडेंट को गुमराह कर उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कराकर ड्यूटी और परेड से वंचित कर दिया गया है।