यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) का शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं शैक्षिक अधिवेशन एक होटल में किया गया। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों के हितों की रक्षा करने और शिक्षा से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने मंडल के पदाधिकारियों की घोषणा की। नवनियुक्त पदाधिकारियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आरटीई की गलत व्याख्या कर छात्र संख्या 150 से कम वाले स्कूल के प्रधानाध्यापक के पदों को समाप्त कर रहे हैं। एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत परिषदीय विद्यालय को बंद कर गरीब बच्चों को बुनियादी शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है। इसे यूटा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर शिक्षक समाज संगठित रहेगा तो उसका कोई शोषण नहीं कर सकता है। कहा कि वर्तमान में शिक्षकों से बीएलओ, डीबीटी, एमडीएम जैसी अनेक योजनाओं का कार्य कराया जा रहा है। इस कारण शिक्षक अप्रत्यक्ष रुप से दबाव में रहता है। उसे इन कार्यों से मुक्त करते हुए सिर्फ शिक्षण कार्य कराना जाना चाहिए। मंडल अध्यक्ष अखिलेश सिंह गुंजन ने शिक्षकों से एक जुटता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जिलाध्यक्ष शिवम अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने मंडल और जिले के पदाधिकारियों की घोषणा की। कार्यक्रम में जिला महामंत्री रुद्र मिश्रा, अंजनी द्विवेदी, निवेदिता रेमी, कृष्ण कुमार, विकास यादव, ददन मिश्रा, सूर्य प्रकाश सिंह, संतोष यादव, वकील अहमद, अजय द्विवेदी, रचना अग्रवाल, संघमित्रा राय, त्रिपदा सेंगर आदि शिक्षक मौजूद रहे।