विंढमगंज में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर जलकलश लेकर महिलाओं-कन्याओं ने भ्रमण किया। माता रानी के जयकारे लगाए। इस दौरान आकर्षक झांकी भी सजाई गई। डाला स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर से निकली शोभायात्रा जय माता दी के उद्घोष के साथ चोपन सोन नदी के तट पर पहुंची। यहां कलश में जल भरने के बाद वापस मंदिर परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। फूलों से सजे रथ पर देवी की झांकी सजाई गई थी। उसके पीछे जयकारे लगाते महिला-पुरुष चल रहे थे। अग्रवाल धर्मार्थ सेवा समिति के सचिव राजेंद्र गर्ग ने बताया कि कलश पूजन के साथ सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यज्ञ की पूर्णाहुति 10 अक्तूबर को होगी। 11 को भंडारे का आयोजन होगा। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। उधर, विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरखड़ ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान उदय पाल के नेतृत्व में 103 कलश लेकर शोभायात्रा निकाली गई। कलश यात्रा सत्यधरवा घाट पर पहुंची। कनहर नदी से जल लेकर गांव का भ्रमण करते हुए बैरखड़ चौराहे पर स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में स्थापित किया गया। यजमान की भूमिका संतोष पटेल ने निभाई।