रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत मारकुंडी के प्रधान उधम सिंह यादव ने घाघरा नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य धीमी गति से कराए जाने और पिछले दो माह से काम बंद होने पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत के मीना बाजार टोले में घाघर नदी पर लगभग 4.32 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण कार्य नवंबर 2025 में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक केवल फाउंडेशन स्तर का अधूरा कार्य ही हो सका है। आरोप है कि पिछले दो माह से कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने निर्माण कार्य पूरी तरह रोक रखा है। जबकि यह मार्ग जिला जेल, पुलिस चौकी गुरमा, चार विद्यालयों तथा आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। किसान भी इसी रास्ते से होकर अपने खेतों तक पहुंचते हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। बताया कि वर्तमान में नदी पर मिट्टीयुक्त अस्थाई पुल बनाकर आवागमन कराया जा रहा है, जो मानसून के दौरान तेज बहाव में बह सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि घाघर नदी में धंधरौल बांध, बैराज तथा पहाड़ी क्षेत्रों का बरसाती पानी आने पर नदी विकराल रूप धारण कर लेती है। ऐसे में निर्माणाधीन पुल और अस्थाई मार्ग दोनों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है, जिससे बरसात में क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट सकता है। वहीं समस्या पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि आगामी मानसून को देखते हुए कार्यदायी संस्था को तत्काल तेजी से पुल निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया जाए, ताकि संभावित खतरे और जनसमस्याओं से बचा जा सके।