उत्तर प्रदेश बिजली संविदा कर्मचारी संघ जिला कमेटी का अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहा धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उच्चाधिकारियों पर आंदोलन की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। जिलाध्यक्ष ज्योति कुमार का कहना है कि संविदा कर्मियों के क्रमिक अनशन में अब तक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की वार्ता या संपर्क नहीं किया गया है। मंडल सचिव नितेश मौर्य ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता से संविदा कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई सकारात्मक वार्ता नहीं होती है तो 9 अप्रैल से निकाले गए सभी कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी आवश्यक कार्य को बाधित नहीं किया जाएगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। धरने में मोहन विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र यादव, ज्ञान प्रकाश, विवेक पटेल, उत्तम सिंह, भैरव लाल, हरिशंकर, अनिल, प्रवीण, राजेश, सुरेंद्र, राकेश, अजय, अभय विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।