खैराबाद में शुक्रवार को प्रसिद्ध बावन डंडे ताजिया का जुलूस निकला गया। यह गंगा जमुनी तहजीब व एकता का गुलदस्ता माना जाता है। मान्यता है कि एक हजार वर्ष पूर्व युसूफ खान गाजी ने बावन डंडे ताजिया की प्रथा डाली थी। रौजादवाजा के युसूफ खान गाजी की दरगाह के बने चौक पर बावन ड़डे ताजिया का जुलूस निकाला ।जाता है। हिंदू व मुस्लिम महिलाएं और पुरुषों की मन्नते मांगते हैं। शुक्रवार को सैकड़ों की तादात मे अकीदतमंदों ने फूलमाला व खुटिया चढाकर मन्नतें मांगीं। अकीदतमंदों ने कहा कि ऐसा करने से मुरादे पूरी होती है। शिया धर्म के लोगो ने दसवीं मोहर्रम को इमाम हुसेन की सहादत मे मातम भी किया। बावन डंडे का ताजिया मोहर्रम की ग्यारहवीं की शाम को कर्बला मे सपुर्दे खाक होगा। इसमें दूर दराज से आये लोग शामिल हुए।