नवापुर ब्लाक क्षेत्र के गागापुर में चल रहे श्री रामलीला के तीसरे दिन रविवार की रात कलाकारों द्वारा राम जन्म और विश्वामित्र आगमन की लीला का सजीव मंचन किया गया। रामलीला को देखने के लिए देर रात तक दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही। महराज दशरथ को कोई संतान की प्राप्ति नही हुई। उन्हें इस बात की चिंता हुई कि उनके बाद अयोध्या का साम्राज्य कौन संभालेगा? महाराजा दशरथ सलाह के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम जाते हैं। इसके बाद श्रृंगी ऋषि ने पुत्र प्राप्ति का यज्ञ करवाया, जिससे प्राप्त द्रव्य को राजा दशरथ ने रानियों में बांटा और उन्हें चार पुत्रो की प्राप्ति हुई।