शामली में रंगाना क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालकों पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप कक्षा दस और 12वीं के छात्रों ने लगाया है। विरोध में छात्रों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर पहुंचकर हंगामा किया। जिलाधिकारी के नाम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रंगाना, टपराना और आसपास क्षेत्र के काफी संख्या में कक्षा 10 और 12वीं के छात्र कलक्ट्रेट पर पहुंचे और हंगामा किया। जिलाधिकारी के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना में स्थित जन सेवा केंद्र पर विद्यालय में जमा करने हेतु अपने जन्म प्रमाण पत्र बनवाए थे, लेकिन जब छात्रों द्वारा उक्त जन्म प्रमाण पत्रों को विद्यालय में जमा कराया गया तो विद्यालय के स्टाफ ने उक्त जन्म प्रमाण पत्रों को फर्जी बताया। जिसके बाद छात्रों को पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और उन्होंने उक्त मामले को लेकर जन्म प्रमाण पत्रों को बनवाने वाले जन सेवा केंद्र संचालक से बातचीत की तो उसने जन्म प्रमाण पत्र को दो-तीन दिन में सही कराकर दोबारा बनवाकर देने की बात कहीं, लेकिन इसके बाद भी जन्म प्रमाण पत्र को सही कर कर छात्रों को नहीं दिया गया। जिसके चलते छात्रों को विद्यालय से एडमिट कार्ड भी नहीं मिल पा रहा है और उनका भविष्य अंधकार मेंं जाता नजर आ रहा है। आरोप है कि 20 जनवरी को ऊन तहसील में भी मामले की शिकायत की थी मगर कोई सुनवाई नहीं की गई। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ छात्रों ने कार्रवाई की मांग की है। मांग करने वालों में दीपक कुमार , मनीष कालखंडै, प्रिसं, सुनील कुमारवासू आदि शामिल रहे। ... फर्जी जन्मप्रमाण पत्र बनाने के मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। अरविंद चौहान, जिलाधिकारी शामली।