अब्बा, यहां के हालात बहुत खराब हैं। रोजाना आसपास बम फट रहे हैं। खाने का सामान भी खत्म हो रहा है। मालिक ने बोल दिया है कि काम नहीं तो पैसा भी नहीं मिलेगा। घर आना भी फिलहाल मुमकिन नहीं है, क्योंकि हवाई रास्ते भी बंद हैं। ईरान और अमेरिका-इस्राइल की जंग लंबी खिंची तो भुखमरी के हालात पैदा हो सकते हैं। काम के सिलसिले में खाड़ी देशों में गए शाहजहांपुर के निगोही क्षेत्र के ऊनकलां गांव के मुसीब हसन ने कतर से और जुनैद हसन ने दुबई से अपने घरवालों को जंग से पैदा हुए विषम हालातों की जानकारी दी। कतर के ओम्सलाद शहर के करीब रह रहे मुसीब ने पिता हसीब हसन को फोन पर बताया कि वहां से अमेरिकी बेड़े दिख रहे हैं और उन पर ईरान लगातार हमले कर रहा है। रोजाना कानफोड़ू सायरन बज रहे हैं और सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल रही है और अपने खाने-पीने का इंतजाम खुद करने को कहा जा रहा है।