विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने जहां निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। वहीं, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट का हर स्तर पर विरोध करने की बात कही। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अभय प्रताप ने कहा कि इन नियमों के माध्यम से कैप्टिव पावर के दायरे को अत्यधिक व्यापक बना दिया गया है। जिससे बड़े औद्योगिक उपभोक्ता बड़ी संख्या में डिस्कॉम से बिजली खरीदने के बजाय कैप्टिव स्रोतों से बिजली लेना शुरू कर देंगे। इससे डिस्कॉम की बिजली बिक्री में भारी गिरावट आने की संभावना है।