क्षेत्र के हरदौलिया स्थित श्री राम जानकी मंदिर ठाकुरद्वारा पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा में अवध धाम से आए आचार्य सत्येंद्र दास जी वेदांती ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। कथावाचक ने विष्णु भक्त ध्रुव की अडिग दृढ़ता और तपस्या की कथा सुनाई। कहा कि राजा उत्तानपाद के पांच वर्षीय पुत्र ध्रुव ने सौतेली मां सुरुचि द्वारा अपमानित होने पर ईश्वर प्राप्ति हेतु जंगल में कठोर तपस्या की। प्रसन्न होकर भगवान नारायण ने उन्हें अमरता प्रदान की।