बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस बिल पर हितधारकों से सुझाव मांगे थे। देशभर के पावर सेक्टर से जुड़े सभी फेडरेशनों, ट्रेड यूनियनों और संगठनों ने सर्वसम्मति से कहा था कि यह बिल जनविरोधी है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।