सतीश मूल रूप से नकुड़ क्षेत्र के गांव भैरमऊ के रहने वाले हैं। वह वर्ष 1987 से जनपद और मंडल से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की दौड़ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने भी ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने का सपना देखा था, लेकिन घर की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनको खेल से दूर कर दिया।