शहर के गुरु तेग बहादुर मार्केट में व्यापारियों ने नगर पालिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा कुट रचित तरीके से उनका शोषण किया जा रहा है। इस मुद्दे पर व्यापार मंडल के तीनों संगठनों के पदाधिकारी एक साथ धरने में शामिल हुए। इस विरोध प्रदर्शन से साढे तीन हजार से ज्यादा कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शोषण के आरोप और व्यापार मंडल का रुख व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है और मनमाने ढंग से निर्णय लिए जा रहे हैं। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारी मिलीभगत कर व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं। व्यापार मंडल के तीनों प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों ने एक साथ आकर इस मुद्दे को उठाया है, जो दर्शाता है कि समस्या कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर संकट इस धरने और विरोध प्रदर्शन का सीधा असर उन हजारों कर्मचारियों पर पड़ रहा है जो इन व्यापारियों के यहां काम करते हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर नगर पालिका का रवैया इसी तरह बना रहा, तो उन्हें अपने व्यवसाय बंद करने पड़ सकते हैं। इससे हजारों लोगों के सामने भुखमरी की नौबत आ सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है। व्यापारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है।