हरचंदपुर (रायबरेली)। हरचंदपुर क्षेत्र के ओई गांव में खेत में जमीन धंसने से सामने आए रहस्यमयी सुरंगनुमा ढांचे की जांच में महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) लखनऊ मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरंग के भीतर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्राचीन ईंटें, मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी समेत कई पुरातात्विक अवशेष मिले हैं। प्रारंभिक जांच में इन अवशेषों के कुषाणकालीन होने की संभावना जताई गई है। जांच का नेतृत्व कर रहे सहायक पुरातत्त्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि स्थल से मिले अवशेष ऐतिहासिक महत्व के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि इनकी वास्तविक आयु और ऐतिहासिक महत्व का अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान गांव निवासी अशोक प्रताप मौर्य के पास भी कई प्राचीन अवशेष मिले, जिन्हें उन्होंने वर्षों से सुरक्षित रखा था। एएसआई टीम ने इन अवशेषों का भी अवलोकन किया और आवश्यक जानकारी एकत्र की। अधिकारियों के अनुसार ये अवशेष भी प्रारंभिक रूप से प्राचीन काल के प्रतीत हो रहे हैं। इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत वैज्ञानिक जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। एएसआई अधिकारियों ने बताया कि ‘ओई भीट’ पहले से ही पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में दर्ज है। ऐसे में यहां मिले अवशेष इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले लगातार बारिश के बाद खेत में जमीन धंसने से सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी थी। सूचना पर प्रशासन ने तत्काल क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी थी। अब विस्तृत वैज्ञानिक जांच और रिपोर्ट के बाद आवश्यकतानुसार उत्खनन व अन्य कार्रवाई की जाएगी।