घुरवारा (रायबरेली)। ग्रामसभा नरेंद्रपुर में इन दिनों एक लाल बंदर का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पिछले करीब दो महीने से बंदर के हमलों से लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। बंदर अब तक अमन, कमला देवी और आशा देवी को काटकर घायल कर चुका है, जिससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बंदर अचानक घरों में घुस आता है और उत्पात मचाने लगता है। बच्चे और बुजुर्ग खास तौर पर उसके निशाने पर हैं। लोग अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण निरंजन, पिंटू त्रिवेदी, सज्जन मिश्रा और शिव बहादुर चौधरी सहित कई लोगों ने बताया कि इस समस्या की सूचना वन विभाग को दी गई थी। विभागीय टीम मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन बिना बंदर को पकड़े ही वापस लौट गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बंदर को पकड़कर गांव को इस आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। क्षेत्रीय वन अधिकारी रवि कुमार ने बताया कि अगर बंदर घायल होता तो उसका इलाज कराकर जंगल में छोड़ा जा सकता है लेकिन बंदर को पकड़ने की व्यवस्था विभाग के पास नहीं है। बंदरों को पकड़ने व पकड़वाने का काम ग्राम प्रधान,नगर पंचायत का होता है।