यूपी के रायबरेली में परशदेपुर क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी यह उम्मीद नहीं रहती कि खाद मिल ही जाएगी। युवाओं से लेकर 90 वर्ष तक बुजुर्ग तक खाद के लिए घंटों लाइन में लगकर पसीना बहा रहे हैं। मंगलवार को परशदेपुर कस्बा स्थित साधन सहकारी समिति, संसारी अहोरा रामपुर में यूरिया खाद की आने खबर लगते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। समिति पर खाद वितरण के लिए पहुंचे सचिव किसानों की भीड़ देख घबरा गए। हंगामा देख पुलिस को बुलाना पड़ा। इसके बाद खाद का वितरण शुरू हो सका। यही नहीं खाद लेने के लिए किसानो के बीच धक्कामुक्की भी हुई। किसानों व सचिव के बीच कहासुनी भी हुई। समिति में पांच सौ बोरी यूरिया की रैक पहुंची है। इसके सापेक्ष खाद लेने के लिए लगभग एक हजार के करीब किसान पहुंचे। इससे अफरातफरी का माहौल बना रहा। घंटों लाइन में लगे किसान पसीने से भीग चुके थे, पर खाद के लिए डटे रहे। बाबू का पुरवा गांव निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग रामदुलारे ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे रहे चार घंटे बाद दो बोरी खाद मिली। वहीं बुढ़बारा गांव निवासी 85 वर्षीय छोटेलाल ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं, कई घंटें बाद भी खाद नहीं मिली है। सचिव विश्वनाथ तिवारी ने बताया कि 500 बोरी यूरिया की रैक आई है। पुलिस की मौजूदगी में टोकन के आधार पर खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों की संख्या अधिक है, कुछ किसान तो अभद्रता करने पर उतारू हैं।