रायबरेली में अप्रैल के पहले सप्ताह में बेमौसम बारिश ने फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। इस बार सर्दी में कोहरा कम पड़ा। इससे गेहूं की फसल प्रभावित हुई। इसी का नतीजा है कि गेहूं की उत्पादकता पर प्रभाव पड़ा है। गेहूं की दाना पतला हुआ है तो साथ ही उपज भी कम हुई है। पहाड़पुर खेड़ा गांव के किसानों ने बताया कि कम ठंड से गेहूं के दाने ठीक से विकसित नहीं हो पाए। बालियों में दाना आते समय तापमान अधिक रहा। उस पर कटाई से ठीक पहले हुई बारिश ने फसल को जमीन पर गिरा दिया। इससे दानों में नमी आ गई। गेहूं की प्राकृतिक चमक खत्म हो गई। चमकहीन और सिकुड़े दानों का कम रेट लगाया जा रहा है। पूरे घासी गांव के किसान बबलू द्विवेदी ने बताया कि पिछले साल एक बीघा में दस से बारह क्विंटल गेहूं हुआ था। इस बार यह पैदावार छह-सात क्विंटल से ज्यादा नहीं है। किसानों की लागत भी नहीं निकल पाएगी क्योंकि खेत की जुताई से खाद डीएपी यूरिया और सिंचाई पर खर्च अधिक हुआ है। पैदावार घटने से किसान परेशान हैं। मशीन चालक मोईन के अनुसार, गेहूं जमीन में चिपका होने के कारण खेत में कंबाइन चलाना मुश्किल है।