बड़ा मठ डलमऊ में जम्मू कश्मीर का एक मुस्लिम युवक हिंदू बनकर दीक्षा लेने का प्रयास करने के मामले से दहशत है। खासकर बड़ा मठ में दीक्षा लेने वाले बच्चे और संत। दरअसल, गंगा नदी के किनारे 1957 में बड़ा मठ की स्थापना हुई थी। मौजूदा समय में यहां पर ३७ बच्चे दीक्षा ले रहे हैं। गंगा नदी के किनारे मठ होने के कारण इसकी सुरक्षा अहम रहती है। पास में ही डलमऊ चौकी भी स्थापित की गई है। बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज के मुताबिक 15 सितंबर की रात करीब आठ बजे 35 वर्षीय व्यक्ति साधु के भेष में मठ पहुंचा था और उसने बताया था कि महाराष्ट्र के साधु संतों ने उसे यहां भेजा है और कहा कि डलमऊ बड़ा मत जाकर शिक्षा ग्रहण करो। इस पर युवक का स्वागत किया गया। उसे भोजन खिलाया गया। इसके बाद आधार कार्ड मांगा गया तो उसने ड्र्राइविंग लाइसेंस दिखाया। ड्राइविंग लाइसेंस जम्मू कश्मीर का था और उसमें मो. सलीम लिखा था। जिस तरह संदिग्ध युवक बड़ा मठ पहुंचा, उससे आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कहीं मठ को नुकसान पहुंचाने की साजिश तो नहीं है।