डॉक्टर की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का गुस्सा भड़क गया। निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण सन्नाटा रहा। चिकित्सकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम और एसपी को ज्ञापन देकर बिना जांच पूरी हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी करने का आरोप लगाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के विपरीत, किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से आपराधिक लापरवाही की पुष्टि किए बिना ही गिरफ्तारी अनुचित है। मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद 10 साल की बच्ची की मौत के मामले में शाश्वत हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित सिंह को गत बुधवार को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार की शाम भी चिकित्सकों ने शहीद चौक पर धरना देकर चिकित्सक की गिरफ्तारी का विरोध किया था। बृहस्पतिवार को आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल और क्लीनिकों में ताला बंद रखा गया। कार्य बहिष्कार के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। आईएमए भवन में चिकित्सक एकत्र हुए और गिरफ्तारी का विरोध किया।