अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ने विकास भवन में शनिवार को एकत्र होकर धरना दिया। इसी तरह ऑगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा संगिनी कर्मचारी संघठन के पदाधिकारियों के साथ आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं पर बढ़ती हिंसा,गैर बराबरी, दमन और उत्पीड़न के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय प्रगति शील महिला एसोसिएशन की राज्य कमेटी सदस्य सरोजिनी बिष्ट ने कहा महिलाओं पर हो रहे शोषण को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने होंगे। जिला संयोजक आलिया ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर जो सांप्रदायिक नफरत समाज में फैला रही है उसकी सबसे बड़ी शिकार महिलाएं होती हैं। कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ऑगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन ने पीएलआई-2 को लेकर आवाज उठाई। विकास भवन के बाहर महिला थाने के सामने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बताते हैं कि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो सड़क पर धरना दिया गया। बताया गया कि व्यवस्था लागू न होने पर 10 अप्रैल 2025 से 20 अप्रैल 2025 तक पोषण ट्रेक पर कार्य नहीं किया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री और जिलाध्यक्ष लीना त्रिपाठी, रेखामिश्रा, जीना त्रिपाठी, जिला मंत्री सुनीता त्रिपाठी, पुष्पादेवी, रेखा मिश्रा आदि महिलाएं मौजूद रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय के सामने आशा संगनियों ने प्रदर्शन किया। बताया गया कि आशा वर्करों को 18 हजार रुपये, आशा सहयोगियों को 24 हजार रुपये, बीटीटी कोआर्डिनेटर को 30 हजार रुपये का वेतन दिया जाए। रिटायर बेनिफिट के रूप में 10 लाख रुपये का भुगतान हो, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन लाभार्थियों की प्रवेश आयु 40 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए। इस तरह दल मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।