लगातार तापमान बढ़ने से हवा में असंतुलन की स्थिति बनी और नतीजा यह रहा कि मौसम भोर पहर से बदल गया। आंधी और बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई तो खेती को नुकसान हुआ। आम के पेड़ों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। बौर हवा के झोंके से टूटकर जमीन पर बिखर गए। गेहूं की फसल भी हवा की वजह से प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान मौसम इसी तरह के रहने की संभावना है।