पीलीभीत जिले में लकड़ी बीनने गए बच्चों, महिलाओं से मारपीट मामले में वन कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव मरौरी के ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी से मुलाकात कर वन दरोगा, फारेस्ट गार्ड और अन्य पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। गांव मरौरी के लालाराम, ओमप्रकाश, मेवाशरण, अशोक, बंटी, बाबूराम, रघुवीर, दिनेश कुमार आदि 50 से अधिक महिला- पुरुष सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि तीन मार्च को गांव के बच्चे जंगल से एक किलोमीटर पहले तालाब के किनारे लकड़ी बीनने गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी समय वन दरोगा सुमित, फारेस्ट गार्ड सचिन अपने चार से पांच साथियों के साथ आ गए। बच्चों को पकड़कर ले जाने लगे। बच्चों का शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। विरोध जताने पर वन कर्मियों ने ग्रामीणों और महिलाओं के साथ मारपीट की। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण तो कराया लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने ग्रामीणों की बात सुनी और शिकायत के निस्तारण का आश्वासन दिया।