नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन की मंडल परिषद की बैठक मनोरंजन सदन में आयोजित हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर एआईआरएफ व नरमू के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा पहुंचे। उन्होंने बताया कि कल ही ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने 101वें वार्षिकोत्सव में कर्मचारियों के 28 मुद्दों पर चर्चा की है। यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों को स्वीकार कर जरूरी कार्रवाई नहीं की तो संगठन दो माह का नोटिस देकर बड़ा आंदोलन करेगा। जरूरत पड़ी तो रेल का चक्का जाम करने से भी कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युवा रेलकर्मियों के सामने और जटिल चुनौतियां आएंगी। इनसे पार पाने का एक ही रास्ता है। वह है एकता और संघर्ष। पिछले वर्ष हुए मान्यता के चुनाव में बहुमत पाने पर उन्होंने मंडलीय टीम को बधाई दी। वादा किया जो मुद्दे मुरादाबाद के साथियों ने उठाए हैं, उन्हें रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय तक पहुंचाकर समाधान कराएंगे। बैठक के दौरान मंडल के आशुलिपिक संवर्ग के कर्मचारी भी नरमू के महामंत्री से मिले। उन्होंने मांग रखी कि रेलवे बोर्ड की तरह जोनल स्तर पर भी आशुलिपिक संवर्ग के कर्मचारियों की कैडर रीस्ट्रक्चरिंग होनी चाहिए। महामंत्री ने समाधान कराने का आश्वासन दिया। एआईआरएफ की केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीणा सिंह ने कहा कि मंडल से महिला आंदोलन को मजबूत किया जाए। उन्होंने प्रत्येक शाखा में महिला कमेटी के सुचारू रूप से कार्य करने पर बल दिया। मंडल मंत्री राजेश चौबे ने पूरे वर्ष की रिपोर्ट पदाधिकारियों के सामने रखी। बैठक का संचालन मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा ने किया। केंद्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे, सहायक मंडल मंत्री सुहेल खालिद, राकेश बलौदी ने भी विचार रखे। विशिष्ट अतिथि डीआरएम संग्रह मौर्य ने प्रशासन और यूनियन को रेल की पटरी की तरह बताया। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांगे जायज हैं। मंडल स्तर पर जो मांगे उठाई गई हैं। उनका जल्द से जल्द निराकरण कराएंगे। बैठक में आरके बाली, एके सिंघल, नरेंद्र त्यागी, दीपक यादव, शिवराज सिंह, विजयंत शर्मा, मंजू बिष्ट आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।