सावन की आस्था और सेवा का भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब रामपुर की रहने वाली कमला देवी को उनका पोता बृजघाट से कांधे पर बैठाकर लेकर चला। बुजुर्ग दादी की शिवभक्ति को सलाम करते हुए पोते ने न सिर्फ उनका मान बढ़ाया, बल्कि रास्ते भर साथ चल रहे कांवड़ियों का भी दिल जीत लिया।