Meerut: सरधना तहसील दिवस में किसानों और नगर पालिका के ईओ के बीच हुए विवाद के बाद स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन (उत्तर प्रदेश) की मेरठ शाखा ने कर्मचारियों के खिलाफ की जा रही शिकायतों और अभद्र व्यवहार पर नाराजगी जताई है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों के सम्मान और हितों की अनदेखी की गई तो कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शाखा अध्यक्ष सोहनवीर सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन से जुड़े कर्मचारी जनहित से संबंधित कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करते हैं। बिना तथ्यों के आरोप लगाना और कर्मचारियों की छवि धूमिल करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई शिकायत दुर्भावनापूर्ण या निराधार पाई जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाकर कार्यों में बाधा डालने से उनका मनोबल प्रभावित होता है और जनहित के कार्य भी प्रभावित होते हैं। संगठन कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उधर, तहसील दिवस में किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला अध्यक्ष कालू प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने सरधना नगर पालिका के ईओ के व्यवहार के विरोध में ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि बातचीत के दौरान ईओ ने अपशब्दों का प्रयोग किया, जिससे नाराज होकर किसान तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में एडीएम और तहसीलदार द्वारा मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसान धरने से उठ गए। धरने में अमित छाबड़िया, जोनी त्यागी, अतुल त्यागी, अम्बुज त्यागी, जगमाल सिंह, श्रीपाल, भूरा, संजीव सिंह, राजू, सचिन चौधरी, सोकिन, सेलू सिंह, आकाश कुमार, रामधन शर्मा और बंटी सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।