तहसील सरधना में कुल 147 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, लेकिन वर्तमान में तहसील मुख्यालय पर केवल 17 लेखपाल कार्यरत हैं। इस गंभीर असंतुलन के कारण आम जनता, विशेष रूप से किसान वर्ग, अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियों व स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि जब किसान या ग्रामीण नागरिक तहसील में पहुंचते हैं तो अधिकांश लेखपाल अपने-अपने हल्कों में होने के कारण मिल नहीं पाते। इससे जनता को समय और धन दोनों की हानि उठानी पड़ रही है। कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव एडवोकेट जितेन्द्र पांचाल ने ज्ञापन में बताया कि तहसील प्रशासन में क्लर्क, पेशकार और स्टेनो जैसे पद भी वर्षों से रिक्त पड़े हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में भी शिथिलता आ रही है। इससे मुकदमों की सुनवाई में देरी हो रही है और फरियादियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।