समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कोताना गांव में प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हालात जंगलराज जैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और आम जनता परेशान है। उन्होंने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दिए गए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के संदेश के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीडीए में हर वर्ग शामिल है, चाहे वह किसी भी जाति या समाज से हो। सिद्दीकी ने किसानों की समस्या उठाते हुए कहा कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। गन्ना एक्ट के तहत 14 दिन में भुगतान न होने पर 15 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में चीनी मिल मालिकों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि किसान परेशान हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह गन्ना मंत्री थे तब किसानों को समय पर भुगतान और उचित मूल्य मिलता था, जबकि आज स्थिति इसके विपरीत है। साथ ही बढ़ती महंगाई, गैस की किल्लत और पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के चुनाव में प्रदेश में बदलाव तय है।