मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ घटना की जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया है जो बताता है कि पीड़ित पक्ष और आरोपी के बीच विवाद पुराना है। पुलिस का कहना है कि मृतका सुनीता के बेटे नरसी ने करीब सवा साल पहले 10 सितंबर 2024 को भी आरोपी पारस के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
उस समय नरसी ने सलावा चौकी इंचार्ज को प्रार्थना पत्र देकर पारस के खिलाफ शिकायत की थी। हालांकि गांव के गणमान्य लोगों और प्रधान की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता कराया गया। इस समझौते के अनुसार दोनों पक्षों ने विवाद बढ़ाने से बचने और शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया था। दोनों पक्षों ने लिखित में कहा था कि अब हम दोनों पक्षों में कोई विवाद शेष नहीं है अतः कानूनी कार्रवाई न की जाए।
पीड़िता रूबी की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई। उसका ब्लड प्रेशर लो होने के साथ ही पेट में दर्द हो गया था। पुलिसकर्मियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरधना के डाक्टरों को इसकी जानकारी दी। गांव पहुंची डॉक्टरों की टीम ने रूबी का परीक्षण किया तो गैस और एसिडिटी की बात निकलकर सामने आई। जिसके बाद उसको दवा दी गई। सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया ने बताया कि गैस की वजह से रूबी को दिक्कत हो रही थी। अब उसकी हालत में सुधार है और वह घर पर आराम कर रही है।
कपसाड़ प्रकरण में पुलिस जल्द ही दो चश्मदीद गवाहों क बयान दर्ज कराएगी। एसएसपी डाॅ.विपिन ताडा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रूबी के बयान हो गए हैं। रूबी और उसके परिजनों को सुरक्षा प्रदान की गई है। फोरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जल्द कोर्ट में दाखिल की जाएगी।
पूरा परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। इधर सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया ने बताया कि उम्र का सही आंकलन करने के लिए शरीर के कई जगह की हड्डी का एक्सरे किया जाता है। इसका अवलोकन किया जाता है। इसके आधार पर तय होता है कि उम्र कितनी है।
पारस के परिजनों ने इस केस की पैरवी के लिए वकीलों का एक पूरा पैनल तैयार किया है। इसमें सुनील शर्मा, संजीव राणा उर्फ संजू, विजय शर्मा और बलराम सोम शामिल हैं। अधिवक्ता बलराम सोम और संजीव राणा ने बताया कि उन्होंने जिला कारागार में जाकर पारस सोम से मुलाकात की और घटना के बारे में जानकारी ली। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
दरअसल सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में आठ जनवरी बृहस्पतिवार सुबह रूबी अपनी मां सुनीता के साथ गन्ने की छिलाई करने के लिए जा रही थी। गांव के बाहर रजबहे पर गांव के ही आरोपी पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति से है। इसे लेकर प्रदेश की सियासत में गरमाई हुई है। विपक्ष ने इस मामले को मुद्दा बनाया बनाया हुआ है। वारदात के तीसरे दिन शनिवार देर शाम को पुलिस ने युवती रूबी को सकुशल तलाश कर आरोपी पारस सोम को रुड़की से गिरफ्तार कर लिया था।