मैं घर जाऊंगी.. इतना कहते ही फूट-फूटकर रूबी रोने लगी.. घर पहुंची तो उसकी मां दुनिया छोड़कर जा चुकी थीं.. एक तरफ उसे देखने के लिए भीड़ का तांता लगा हुआ था तो दूसरी तरफ वो अपने भाईयों के कंधे पर सिर रखकर बिलख-बिलखकर रो रही थी.. और अपनी मां को पुकार रही थी..
मेरठ में कपसाड़ कांड लगातार सुर्खियों में बना हुआ है... यहां अनुसूचित जाति की महिला की हत्या के बाद उसकी बेटी के कथित अपहरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है.. मामले पर राजनीति भी पूरी तरह हावी हो है.. कपसाड़ कांड में दो दिन की काउंसिलिंग के बाद अपहृत की गई रूबी ने अपने घर जाने की इच्छा जताई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में पुलिस सोमवार रात रूबी को परिजनों के साथ गांव लेकर पहुंची। इसके बाद गांववालों के सामने ही उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद दो दिन से रूबी की LLRM मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर काउंसिलिंग चल रही थी। सोमवार को पुलिस ने रूबी के भाई नरसी कुमार और पिता सतेंद्र सहित अन्य सदस्यों को उससे मिलवाया। करीब ढाई घंटे तक परिजनों और रूबी को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई।
इस दौरान रूबी ने परिवार के साथ रहने और घर जाने की इच्छा जताई। दोनों की सहमति के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में रूबी और परिजन यहां से निकले और रात करीब आठ बजे कपसाड़ गांव पहुंचे। वहां बड़ी संख्या ग्रामीण रूबी को देखने के लिए पहुंच गए लेकिन पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को उनके घर के आसपास नहीं आने दिया।