रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। अमर उजाला द्वारा बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में आयोजित संवाद कार्यक्रम चिकित्सकों ने एक मंच पर आकर रक्तदान के महत्व, इससे जुड़ी भ्रांतियों और समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। जिला महिला अस्पताल के डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव महिलाओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण बनता है। सही समय पर मिला एक यूनिट रक्त किसी मां और उसके नवजात शिशु को नई जिंदगी दे सकता है। वहीं वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. परवेज अख्तर ने रक्तदान करने से शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, बल्कि नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है। स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।