अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के तत्वावधान में रसोइयों ने मानदेय का भुगतान करने सहित करने विभिन्न मांगों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है क जिले में मध्याह्न भोजन योजना में लगभग पांच हजार रसोइया कार्यरत हैं। अप्रैल माह से मानदेय न मिलने की वजह से रसोइयों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च नहीं चल पा रहा है। आरोप लगाया कि शासन से मानदेय देने के लिए बजट दो माह पहले ही आ चुका है। इसके बाद भी रसोइयों को मानदेय नहीं मिल पाया है। विद्यालयों को पेयरिंग किए जाने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कोई आदेश जारी न होने से रसोइयो की सेवा समाप्त होने रसोइया भुखमरी के कगार पर हैं। कंपोजिट विद्यालय पिपरौता में दो रसोईया हीरामन चौहान और मंजू देवी का मानदेय अप्रैल 2019 से अप्रैल 2020 तक का नहीं मिला है। रसोइया और संगठन के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक को अवगत कराया गया। इसके बावजूद रसोइयों का बकाया मानदेय नहीं मिल पाया है। मानदेय का भु्गतान अविलंब नहीं किया गया तो हम लेाग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में संगीता यादव, सुमन गोंड, अवनीश सिंह, समदेती, इसरावती, अंजू देवी, सुमन देवी, इशरावती, हीरामन चौहान आदि शामिल थे।