ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार को गोवर्धन पहुंचे, जहां श्री राधा कृष्ण कृपा धाम आश्रम में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं और गो-रक्षकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने गो माता के संरक्षण, मतदान की जिम्मेदारी और सनातन मूल्यों पर आधारित शासन व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गो माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का आधार हैं। उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देशवासियों को मतदान का अधिकार मिला, लेकिन मतदान करते समय उसके परिणामों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।