दिवाली पर घरों को नया लुक देने के लिए लोग अब पारंपरिक रंगों के बजाय मिक्स कलर शेड्स पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर रंगों के कॉम्बिनेशन देखकर लोग अपने घरों की सजावट की योजना बना रहे हैं। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इस बार पेंट्स की बिक्री की रफ्तार धीमी है। इस वर्ष खाड़ी देशों में हुए युद्ध का असर पेंट्स कारोबार पर भी पड़ा है। पेंट्स में प्रयोग किए जाने वाले तेल को खाड़ी देशों से ही आयात किया जाता है। कच्चे तेल की कमी के चलते विभिन्न कंपनियों के रंगों की कीमतों में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि हुई है। इससे ग्राहकों का बजट बढ़ गया है। वहीं, रंग-रोगन करने वाले कारीगरों की कमी भी कारोबारियों के सामने चुनौती बनी हुई है। शहर और जिले में 100 से अधिक पेंट्स की दुकानें हैं। यहां 100 से 700 रुपये प्रति लीटर तक के पेंट उपलब्ध हैं। ग्राहक दीवारों के लिए अलग-अलग रंगों के मेल के साथ आकर्षक शेड्स पसंद कर रहे हैं। दूसरी ओर, चूने की मांग लगभग खत्म हो गई है। कारोबारी दिवाली से पहले बिक्री में तेजी आने की उम्मीद लगाए हैं।