मथुरा में जन्माष्टमी का त्योहार आते ही ब्रजमंडल और आसपास के इलाकों में एक अलग ही उल्लास देखने को मिलता है। इस बार बाजारों में जन्माष्टमी की रौनक देखते ही बन रही है। इस अवसर पर छोटे बच्चों को नन्हा कान्हा बनाने के लिए बाजारों में फैंसी ड्रेसेज की दुकानें भी सज गई हैं। बच्चों के लिए सूती कपड़े से बनी पारंपरिक पीतांबरी धोती-कुर्ता, मोरपंख लगे मुकुट, बांसुरी, वैजयंती माला और बाजूबंद की सबसे ज्यादा मांग है। जन्माष्टमी पर बच्चे को कान्हा के रूप में तैयार करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि वात्सल्य भाव और भक्ति को प्रकट करने का खूबसूरत जरिया है। डिजाइनरों ने इस बार बच्चों की सहूलियत का खास ख्याल रखा है। दुकानदार विशाल ने बताया कि छोटे बच्चों की त्वचा को ध्यान में रखते हुए बेहद सॉफ्ट फैब्रिक और रेडी-टू-वियर (आसानी से पहनाई जाने वाली) ड्रेसेज तैयार की गई हैं। दुकानदार सनी ने बताया कि बच्चों के लिए मैचिंग कान्हा सेट भी बिक रहे हैं, जिनमें पोशाक से लेकर माखन की मटकी तक सब शामिल है।