वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान के सदस्यों ने बुधवार को आठवें वेतन आयोग से पेंशनरों को बाहर रखने और केंद्रीय सेवा वैधता अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। संस्थान के महामंत्री बीके तिवारी ने बताया कि यह अधिनियम केंद्र सरकार को पेंशनरों का वर्गीकरण करने का अधिकार देता है, जिससे उन्हें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के लाभ से वंचित होना पड़ेगा। अध्यक्ष सुनील शर्मा ने एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन, कोरोना काल के डीआर का भुगतान और निशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की अपील की। पेंशनरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार दिवाकर मिश्रा को सौंपा और सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया।