एक तरफ जिले के तमाम सरकारी अस्पतालों पर जरूरी दवाओं की कमी के चलते मरीज जूझने के लिए मजबूर है। वहीं दूसरी ओर निचलौल ब्लॉक परिसर में विभाग के जिम्मेदारों की ओर से तमाम सरकारी दवाएं को खुले में फेंक दी गईं है। फेंकी गई, दवाओं पर लोगों की नजर पड़ी तो वह लोग हैरान हो गए। कुछ ही देर बाद दवा फेंकने के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया।