धान की खेती के सबसे अहम समय में डीजल संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेत तैयार हैं, बीज खरीदकर घरों में रखे हैं, लेकिन डीजल के अभाव में किसान न तो ट्यूबवेल चला पा रहे हैं और न ही खेतों में धान की नर्सरी डाल पा रहे हैं। हालत यह है कि किसान रातभर पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाने के बाद भी सुबह खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कहीं पांच लीटर तो कहीं दस लीटर डीजल के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।