छठ पर्व के तीसरे दिन सोमवार को बड़ी संख्याओं में महिलाओं ने फल, गन्ना, ठेकुआ आदि को दउरा में सजाकर शहर के सुम्मेरा तालाब व अन्य स्थानों पर नदियों के घाटों पर विधि विधान से छठ पूजन किया। सुम्मेरा तालाब के घाटों पर शाम को सूप में फल सजाकर पहुंचे, जहां महिलाओं ने घाटों पर आटै का चौक बनाकर और फूल अर्पित कर फलों को रखकर पूजन किया। वहीं, पास में ही गन्ने का मंडप सजाया और सूप केले, सेव, मुसम्मी, पपीता, घर के बने पकवानों को सजाया और यहां दीप, अगरबत्ती जलाकर तालाब की डूबते भगवान सूर्य की आरती करते हुए अर्घ्य दिया। इसके बाद भगवान को हाथ जोड़कर मनोकामनाएं मांगी। इस दौरान तालाब के घाटों पर पूजा स्थल के पास छठ गीत भी सुनाई दे रहे थे। छठ पर्व के तीसरे दिन जनपद में रहने वाले पूर्वांचल के कर्मचारियों व कामगारों ने सोमवार को श्रद्धा व उत्साह के साथ अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और छठी माई से सुख समृद्धि की कामनाएं कीं।