बांसी में मंगलवार को मौनी परमा पर सुबह से शाम तक मौनियों की टौलियों ने गांव-गांव जाकर बुन्देली गायन पर मौनी नृत्य प्रस्तुत किया। मौनी नृत्य बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य है, यह दीपावली के दूसरे दिन मौनी परमा पर मौनियों द्वारा किया जाता है। इसमें मौनियां एक ही रंग के परम्परागत वस्त्र पहनकर, हाथों डढ़ा यानि लकड़ी के छोटे छोटे डंडा, सिर पर मोर पंख, पैरों में घंघरु, मस्तक पर तिलक लगाकर श्रंगार किये हुए अपने को श्री कृष्ण का सखा मानकर सुबह से टौलियों में निकलते हैं। मौनी पूरे दिन मौन व्रत रखकर गांव गांव नृत्य करते हैं इसलिए इसे मौनी परमा भी कहा जाता हैं।