प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षकों को सरकार हर महीने वेतन के तौर पर मोटी रकम देती है ताकि बच्चों का भविष्य संवर सके, लेकिन यह शिक्षक विद्यालय ही नहीं आ रहे हैं। अपने स्थान पर पढ़ाने के लिए गांव के ही किसी हाईस्कूल और इंटर पास बेरोजगार की मजबूरी का फायदा उठाकर उसे दो हजार रुपये महीने पर विद्यालय पर रख दिए हैं।