कोतवाली गंगाघाट के लालताखेड़ा गांव में रहने वाले युवक ने अपने ही बाग में अमरूद के पेड़ से फंदा बांधकर उससे लटककर जान दे दी। वहीं, दूसरी तरफ उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। यह संयोग लोगों में चर्चा का विषय बन गया। हर कोई बेटे को उसके पिता का पुर्नजन्म बोलता रहा। बता दें कि लालता खेड़ा निवासी बेचेलाल (30) ने मानसिक तनाव में अपने ही बाग में सोमवार शाम को फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस बीच मृतक की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यह देख पास की आशा को बुलाया गया जिसने तत्काल पुलिस से मदद मांगी। चौकी प्रभारी मूलचंद्र पाठक ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस मंगवाई और प्रसूता को जिला अस्पताल भिजवाया। दूसरी तरफ प्राइवेट वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रात करीब दो बजे काजल ने बेटे को जन्म दिया। किलकारियां गूंजते ही आस पास रहे परिजन व गांव के लोग बरबस बोल बैठे की बेचेलाल का पुर्नजन्म हो गया। वहीं, मंगलवार दोपहर बाद मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया किया।