श्रम विधि सलाहकार एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को नए श्रम संहिता कानून और नियोजक एवं श्रमिक पक्ष की स्थिति विषय पर गोष्ठी सर्वोदयनगर स्थित एसोसिएशन सभागार में हुई। इसमें श्रम प्रतिनिधियों ने कहा कि वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता कानून से मजदूर वर्ग को कोई फायदा नहीं होगा। बल्कि नियोजकों को किसी भी तरह से दंडित नहीं किया जा सकता है। केवल आंशिक रूप से आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकेगा। श्रम प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्रीय कानून से संबंधित फैसले से आर्थिक विषमता बढ़ेगी। प्रतिनिधियों में नए श्रम कानूनों को लेकर मत भिन्नता रही। प्रतिनिधियों में श्रमिक और नियोजक पक्ष के बीच चले तर्क वितर्क से निष्कर्ष निकाला गया कि नियमों के तत्काल प्रभाव से कुछ प्रावधान (जैसे फ्लोर वेज, अपॉइंटमेंट लेटर, और एकल पंजीकरण) लागू हो सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से संबंधित नियमावली जारी होने का इंतजार करना होगा, जिसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मौके पर रामनरेश अवस्थी, असित कुमार सिंह, हर्षवर्धन गुप्ता, एसएन सिंह, सुखदेव मिश्रा, एसके तिवारी, अखिल जौहरी, अजय शुक्ला, पवन पांडेय, गौरव दीक्षित आदि मौजूद रहे।