कर चोरी की आशंका पर जेल में बंद भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी के गेस्ट हाउस और होटल पर गुरुवार को एसजीएसटी टीम ने छापा मारा। होटल-गेस्टहाउस संचालक महीनों से रिटर्न तक नहीं दाखिल कर रहा था। इसके अलावा कमाई ज्यादा होने के बाद भी कम करके दिखाया जा रहा था। आईटीसी का भी गलत भुगतान ले लिया जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है। वहीं, अधिकारी देररात तक दस्तावेजों की जांच-पड़ताल करते रहे। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर कर चोरी के दस्तावेज हाथ लगे हैं। एसजीएसटी के संयुक्त आयुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त और उनकी 10 से ज्यादा अफसरों की टीम ने शाम चार बजे के करीब आवास-विकास स्थित होटल नेगी ग्रांड पर छापा मारा। इस दौरान स्टाफ के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गएअ और गेट बंद करके जांच शुरू की। बुकिंग कराने आने वाले लोगों को वापस कर दिया गया। बताया गया कि जून 2025 के बाद से संचालक की ओर से जीएसटी के रिटर्न नहीं दाखिल किए जा रहे हैं। गेस्ट हाउस में बैंक्वेट की भी सेवा दी जा रही थी जिस पर कोई कर नहीं चुकाया जा रहा था। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। इसके अलावा परिसर में निर्माण भी कराया गया है। इसमें सीमेंट और कच्चा माल की खपत में आईटीसी का लाभ ले लिया गया जबकि नियमानुसार इसका लाभ नहीं लिया जाना था। होटल, गेस्ट हाउस से कमाई ज्यादा है। जून के पहले भी कम कर चुकाया जा रहा था। जांच के दौरान मौजूदा बुकिंग, बुकिंग लेनदेन के अलावा पिछले सालों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बैलेंस सीट आदि का मिलान किया जा रहा है। शुरूआत जांच में दस्तावेज बड़ी कर चोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। टीमों ने दस्तावेजों को जब्त भी किया है। वहीं स्टाफ मांगे जा रहे दस्तावेज अफसरों को नहीं दिखा पा रहे थे।