साढ़ थाना क्षेत्र के अमौर गांव में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक वृद्धा के शव को दफनाने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस-प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ और आठ घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार हो सका। दरअसल, राजस्व अभिलेखों में सन् 1963 से कब्रिस्तान के नाम पर भूमि दर्ज है। लगातार घर बनने से कब्रिस्तान गांव के बिल्कुल किनारे हो गया है। जिस कारण शव दफनाने का विरोध ग्रामीण करते हैं।