भीतरगांव ब्लॉक स्थित धरमपुर गांव में आयोजित अंबेडकर कथा का भव्य और भावपूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और पूरे आयोजन में सामाजिक जागरूकता व प्रेरणा का वातावरण बना रहा। कथा के समापन अवसर पर वक्ताओं ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाबा साहब ने विपरीत सामाजिक परिस्थितियों और कठिनाइयों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त कर भारतीय संविधान के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने केवल संविधान निर्माण ही नहीं किया, बल्कि समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को सामाजिक न्याय, समानता और अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके संघर्षपूर्ण जीवन से शिक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास की प्रेरणा मिलती है।