भीतरगांव ब्लॉक के नौरंगा कस्बे और आसपास के क्षेत्र में बढ़ती ईंट भट्टों की संख्या अब पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन गई है। भट्टों से निकलने वाली जहरीली गैसों और निरंतर बढ़ते तापमान का सबसे बुरा असर स्थानीय वनस्पतियों पर दिख रहा है। कस्बे के मुख्य बाजार के सामने खड़े दर्जनों हरे-भरे पेड़ देखते ही देखते सूख गए हैं, जो क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरे की घंटी है।