भीतरगांव इलाके में परंपरागत खेती के बजाय अब किसान बागवानी और नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में भीतरगांव क्षेत्र का उमरी गांव पपीते की खेती के लिए एक नए हब के रूप में उभर रहा है। यहां के किसानों ने कई हेक्टेयर भूमि पर पपीते की बुवाई कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा पेश की है।