रंगोत्सव त्योहार के चलते भीतरगांव मुख्य बाजार पूरी तरह होली के रंग में डूब चुका है। इस वर्ष भीतरगांव बाजार में मुखौटों का एक अनूठा संसार देखने को मिल रहा है, जो ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बाजार में बच्चों और युवाओं के लिए राक्षसों के डरावने चेहरे, कार्टून पात्रों से लेकर ऋषि-मुनियों और पौराणिक पात्रों के मुखौटों की भारी आवक हुई है।