कोतवाली गंगाघाट के गंंगा बैराज पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम मनभौना स्थित पशुचर, तालाब और बंजर में दर्ज करीब सात बीघा सरकारी जमीन को शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मुक्त कराया। जिसकी बाजारी कीमत छह करोड़ 80 लाख बताई गई है। जमीन पर कब्जा करने वालों द्वारा सरसों और गेंहू की फसलों को प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से हटवाया। वहीं कब्जा करने वाले लोग मौके पर नहीं दिखे। ग्राम मनभौना स्थित सात बीघा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर वहां सरसों और गेंहू की फसल बोने के साथ ही प्लाटिंग करने के उद्देश्य से कटीले तार के साथ पत्थर के पिलर गढ़वाए गए। जिसकी स्थानीय स्तर पर शासन में शिकायत हुईं जिस पर मंगलवार को डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर जिला प्रशासन की एक टीम पहुंची और गंगा बैराज पुलिस के साथ भू-मुक्त अभियान चलाते हुए पहले सरकारी जमीन पर बोई गई फसल को हटाया गया। जिसके बाद जमीन का सीमांकन कर वहां सरकारी जमीन होने का बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए गए। एसडीएम सदर क्षितिज दुवेदी ने बताया कि सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत करीब एक करोड़ 24 लाख है लेकिन वर्तमान बाजारी मूल्य के हिसाब से 6 करोड़ 80 लाख कीमत की जमीन आंकी गईं है। बताया कि संबंधित जमीन सरकारी अभिलेखों में पुशचर, तालाब और बंजर में दर्ज है। बताया कि किसी भी भूमाफिया को कतई नहीं छोड़ा जाएगा। यहां नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, बैराज चौकी प्रभारी मान सिंह आदि मौजूद रहे।